Friday, 10 May 2013

बच्चे कभी - कभी ही खेलने आते हैं

वो जब सवा चार साल का हुआ तो उसे स्कूल में दाखिल करा दिया गया,  वो सुबह पांच बजे उठता, नहाता, तैयार होता , स्कूल जाता, लौट कर आता, खाना  खाता  सो जाता , शाम को टिउशन का होमवर्क करता, टिउशन जाता लौटता, अपने पिता को पढाई का ब्यौरा देता, डांट खाता और टी वी पर कार्टून देखता..................और हाँ !! कभी -कभी कालोनी में खेलने भी जाता पर उसे अकेले ही खेलना पड़ता,
कालोनी के दूसरे  बच्चे  भी कभी - कभी ही खेलने आते हैं। 

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