अभी वही की वही है अखबारी आंकडे देखे तो लगभग रोजाना एक-दो नवजात बच्चियां यहाँ वहा पड़ी मिलती है कही पन्नी में लिपटी तो कही बिना कपड़ो के नाले के किनारे जहा उन्हें चीटियाँ नोच रही होती है सोचती हूँ जहा मै अपने दो माह के बेटे को इन सर्दियों में चौबीसों घंटे गरम कम्बलों के बीच ब्लोवर में रखती हूँ वही इस हांड कंपा देने वाली सर्दी में वो बच्चियां कितनी तकलीफ झेलती रही होंगी,क्यो लड़कियों का जीवन ही इतना संघर्ष से भरा होता है हर अवैध संतान लड़की तो नही होती सच कहे तो बच्चे कभी अवैध नही बच्चे तो बच्चे होते है लेकिन हमारा देश जहा था वही है बस तरीके बदल गए है अब दूध में डूबा कर या गला दबा कर मारने की जगह थोडी सवेदना दिखाते है अब जिंदा फेक देते है कुत्तो के नोचने घसोटने या चींटियों या अन्य कीडे-मकोडों का आहार बनने के लिए.
Monday, 6 May 2013
हर अवैध संतान लड़की तो नही
अभी वही की वही है अखबारी आंकडे देखे तो लगभग रोजाना एक-दो नवजात बच्चियां यहाँ वहा पड़ी मिलती है कही पन्नी में लिपटी तो कही बिना कपड़ो के नाले के किनारे जहा उन्हें चीटियाँ नोच रही होती है सोचती हूँ जहा मै अपने दो माह के बेटे को इन सर्दियों में चौबीसों घंटे गरम कम्बलों के बीच ब्लोवर में रखती हूँ वही इस हांड कंपा देने वाली सर्दी में वो बच्चियां कितनी तकलीफ झेलती रही होंगी,क्यो लड़कियों का जीवन ही इतना संघर्ष से भरा होता है हर अवैध संतान लड़की तो नही होती सच कहे तो बच्चे कभी अवैध नही बच्चे तो बच्चे होते है लेकिन हमारा देश जहा था वही है बस तरीके बदल गए है अब दूध में डूबा कर या गला दबा कर मारने की जगह थोडी सवेदना दिखाते है अब जिंदा फेक देते है कुत्तो के नोचने घसोटने या चींटियों या अन्य कीडे-मकोडों का आहार बनने के लिए.
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